
बनारस की तंग गलियों, गंगा के घाटों और सुबह की आरती के बीच पली-बढ़ी थी गौरी—एक साधारण लेकिन सपनों से भरी लड़की। उसे अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति और अपने शहर से बेहद प्यार था।
दूसरी तरफ, दिल्ली की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में रहने वाला आर्यन एक महत्वाकांक्षी और आत्मविश्वासी लड़का था। उसके लिए ज़िंदगी का मतलब था बड़े सपने, बड़ी मंज़िलें और हर दिन एक नई चुनौती।
एक तरफ बनारस की सादगी थी, तो दूसरी तरफ दिल्ली की चमक-दमक। दोनों की दुनिया, सोच और जीवनशैली बिल्कुल अलग थीं।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था।
एक अनजान मुलाकात, जो बस कुछ मिनटों की होनी थी, धीरे-धीरे उनकी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत अध्याय बन गई। गंगा के शांत किनारों से लेकर दिल्ली की भागती सड़कों तक, उनकी कहानी ने उन्हें सिखाया कि प्यार न शहर देखता है, न दूरी... वह बस दो दिलों को जोड़ना जानता है।
यहीं से शुरू होती है एक बनारसी लड़की और एक दिल्ली के लड़के की अनोखी प्रेम कहानी...
Stay tuned......


Write a comment ...